हरा चारा नदारद, गंदा पानी, बीमार गौवंश—लापरवाही पर भड़के उपजिलाधिकारी
माधौगढ़।
नदीगांव विकास खंड के गडेरना (गणेश नगर) स्थित गौशाला में उपजिलाधिकारी माधौगढ़ राकेश कुमार सोनी के औचक निरीक्षण के दौरान भारी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण में गौशाला की व्यवस्थाएं अत्यंत चिंताजनक पाई गईं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया। गौवंशों के रखरखाव, खान-पान और स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर अनदेखी स्पष्ट रूप से नजर आई।
निरीक्षण के समय यह पाया गया कि गौशाला में संरक्षित गायों को हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। जब उपजिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान मांधाता कुशवाहा के प्रतिनिधि से भूसे की उपलब्धता के संबंध में जानकारी मांगी, तो उन्होंने लगभग 40 कुंतल भूसा होने की बात कही। इसके पश्चात एसडीएम ने स्वयं भूसा घर का निरीक्षण किया, जहां भंडारण व वितरण व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।
निरीक्षण के दौरान गौशाला परिसर में एक गाय मृतप्राय अवस्था में पाई गई, जिसे देखकर उपजिलाधिकारी ने तत्काल कारणों की जानकारी ली। इस पर ग्राम प्रधान द्वारा बताया गया कि पशु चिकित्सक कई दिनों से गौशाला का निरीक्षण नहीं कर रहे, जिससे बीमार गायों का समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है। एसडीएम की कड़ी फटकार के बाद पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और बीमार गौवंशों का उपचार किया।
इसके अतिरिक्त गौशाला में पीने के लिए रखा गया पानी अत्यंत गंदा और दूषित पाया गया। निरीक्षण के दौरान एक अन्य गाय टीन शेड के पीछे असहाय अवस्था में पड़ी मिली, जो अत्यधिक कमजोरी और बीमारी की ओर संकेत कर रही थी।
उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित पशु चिकित्साधिकारी को नियमित निरीक्षण, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हरे चारे की आपूर्ति तत्काल शुरू कराने के आदेश दिए। साथ ही गौशाला संचालन में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि गौशालाओं में संरक्षित गौवंश के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।






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