उरई। जनपद जालौन में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को लेकर अब किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी स्पष्ट संदेश के साथ पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने पुलिस लाइन्स सभागार उरई में अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारीगण के साथ अपराध व कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय और व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
फ्रंट पेज लीड के रूप में आयोजित इस अहम गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनता की सुरक्षा और विश्वास पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय करेगी। उन्होंने वांछित एवं इनामी अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी, लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण और अपराधियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई को अनिवार्य बताया।
बैठक में महिला अपराधों, संपत्ति संबंधी अपराधों, रात्रि गश्त, निरोधात्मक कार्रवाई और बीट पुलिसिंग पर विशेष फोकस किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने बीट प्रणाली को कानून व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए निर्देश दिए कि बीट आरक्षी क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर जनता से सीधा संवाद स्थापित करें, ताकि छोटी घटनाएं बड़े अपराध में बदलने से पहले ही रोकी जा सकें।
इसके साथ ही जनपद में संचालित विशेष अभियानों, वाहन चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी, अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा करते हुए एसपी ने कहा कि अभियान कागजी नहीं, बल्कि जमीनी और परिणाम देने वाले होने चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने दो टूक कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए जालौन में कोई जगह नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए जनपद को अपराधमुक्त और शांतिपूर्ण बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।








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