दिव्यांग व्यक्ति पर मेहरबान हुए सीडीओ कुमदेन्द्र कलाकर सिंह

जांच कर आवास दिलाने का दिया आश्वासन, अधिकारियों को मौके पर भेजा

उरई।
विकासखण्ड डकोर की ग्राम पंचायत औंता निवासी पूर्ण दिव्यांग दातादीन पुत्र बलराम गुप्ता को आखिरकार न्याय की उम्मीद जगी है। लोकदल जिलाध्यक्ष विपिन शिवहरे के साथ मुख्य विकास अधिकारी कुमदेन्द्र कलाकर सिंह से मिलने पहुंचे दातादीन ने जब आवास न होने की पीड़ा बताई, तो सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्य विकास अधिकारी ने तत्काल परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी एवं खंड विकास अधिकारी रमेशचंद्र शर्मा को फोन कर निर्देश दिए कि वे तुरंत कार्यालय पहुंचें, लोकदल जिलाध्यक्ष के साथ ग्राम औंता जाकर प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण जांच करें तथा शाम तक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “गरीब और पात्र को आवास दिलाना ही सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है।”

लोकदल जिलाध्यक्ष विपिन शिवहरे ने सीडीओ को बताया कि दातादीन जन्म से गूंगा-बहरा है और पूर्ण रूप से दिव्यांग होने के बावजूद अब तक उसे आवास नहीं मिल सका। उन्होंने आग्रह किया कि इस गरीब व्यक्ति को आवास दिलाकर बड़ा मानवीय कार्य किया जाए।

सीडीओ कुमदेन्द्र कलाकर सिंह ने जनपद के सभी प्रधानों एवं सचिवों को सख्त निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में न आएं और केवल पात्र व्यक्तियों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दें। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी निष्पक्षता और गुणवत्ता के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं मौके पर जाकर पात्रता का सत्यापन करें। जांच में यह सामने आया कि दातादीन दो बार पात्र होने के बावजूद दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रस्तुत न कर पाने के कारण आवास से वंचित रह गया।

मामले की जांच में परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी एवं बीडीओ रमेशचंद्र शर्मा ने पाया कि दातादीन गुप्ता वास्तव में पूर्ण दिव्यांग है। परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात हो चुकी है और एक सप्ताह के भीतर दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करा दिया जाएगा, साथ ही आवास भी दिलाया जाएगा।

जांच के दौरान एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें रीना पत्नी जितेंद्र अपने भुगतान को लेकर परेशान थी। अधिकारियों ने बताया कि रीना को अब छत मिल चुकी है और 13 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है।

परियोजना निदेशक ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी पात्र की जगह अपात्र को लाभ दिया गया है, तो यह गंभीर अनियमितता है और इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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