उपभोक्ता भण्डार के कार्यालय के लिए जमीन आबंटन में गतिरोध दूर किया जाए

उरई (जालौन)।
जनपद की शीर्ष सहकारी संस्था जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार लिमिटेड की प्रबंध समिति (बोर्ड) की महत्वपूर्ण बैठक चुर्खी रोड स्थित उरई मुख्य कार्यालय में सभापति उपेन्द्र सिंह राजावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत भंडार के सचिव दीपेंद्र प्रताप सिंह द्वारा संचालक मंडल के सभी सदस्यों के स्वागत के साथ हुई।

बैठक में सर्वप्रथम संस्था की विगत वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा विस्तृत वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। रिपोर्ट में आय-व्यय, कार्यप्रणाली, उपलब्धियां, चुनौतियां एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

सभापति उपेन्द्र सिंह राजावत ने कहा कि जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार लि. जनपद की एक सशक्त सहकारी संस्था रही है, जो आम उपभोक्ताओं को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराती थी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक सहयोग एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो संस्था को पुनः मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

बैठक में यह भी प्रमुखता से उठाया गया कि पूर्व में केंद्रीय उपभोक्ता भंडार द्वारा जिले की विभिन्न सहकारी संस्थाओं को दैनिक उपयोग की वस्तुएं एवं खाद्य सामग्री की नियमित आपूर्ति की जाती थी, जो विगत कई वर्षों से बंद है। इससे संस्था को आर्थिक क्षति हो रही है। इस विषय पर निदेशक जितेंद्र कुमार भारतीय ने नए व्यापारिक मॉडल अपनाकर संस्था को लाभ की स्थिति में लाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

सभी संचालक मंडल सदस्यों ने पिछली बैठक की कार्यवाही विवरण को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया। इसके पश्चात संस्था से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर लंबी चर्चा हुई। सदस्यों ने एक स्वर में जिलाधिकारी से आग्रह किया कि सहकारी संस्थाओं को आपूर्ति की व्यवस्था पुनः प्रारंभ कराई जाए, जिससे संस्था की आय में वृद्धि हो और सहकारी तंत्र को मजबूती मिले।

बैठक में ग्राम पंचायत बोहदपुरा में जिला कार्यालय एवं गोदाम के लिए प्रस्तावित सरकारी भूमि के नामांकन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संचालक मंडल ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा भूमि का प्रस्ताव पूर्व में ही पारित कर संबंधित विभाग को भेजा जा चुका है, किंतु अब तक प्रशासनिक स्तर पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। भूमि के अभाव में न तो स्थायी कार्यालय की व्यवस्था हो पा रही है और न ही गोदाम की, जिससे संस्था का संचालन प्रभावित हो रहा है।

सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यालय व गोदाम के अभाव में व्यापारिक गतिविधियां सीमित हो गई हैं और संस्था धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बोहदपुरा में प्रस्तावित भूमि का शीघ्र नामांकन केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के नाम किया जाए, ताकि जिला कार्यालय एवं गोदाम का निर्माण संभव हो सके।

बैठक के अंत में संचालक मंडल ने सामूहिक रूप से यह मत व्यक्त किया कि यदि भूमि नामांकन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर दी जाए और आपूर्ति व्यवस्था पुनः शुरू कराई जाए, तो केंद्रीय उपभोक्ता भंडार को नई दिशा व मजबूती मिलेगी। इससे न केवल संस्था का विकास होगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी सस्ती व गुणवत्तापूर्ण आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध हो सकेंगी।

बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
उप-सभापति अजय कुमार महतेले, निदेशक जितेंद्र कुमार भारतीय, गौरव उपाध्याय, राजकुमार सिंह, सुरजीत सिंह राठौर, शैलेन्द्र कुशवाहा, शत्रुघ्न सिंह यादव, हरेन्द्र विक्रम सिंह सहित अन्य संचालक मंडल सदस्य।

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