जेल में इंसाफ की पड़ताल—जमानतदार न मिलने से कैदियों की आज़ादी अटकी

उरई, 17 जनवरी 2026 (सू०वि०)।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारुल पँवार ने शनिवार को जिला कारागार उरई का साप्ताहिक भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर निरुद्ध बंदियों से संवाद किया तथा उनकी समस्याओं को जाना-समझा। इस अवसर पर जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान अपर जिला जज/सचिव ने ऐसे बंदियों, जिनकी जमानत सक्षम न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी है लेकिन जमानतदार न होने के कारण रिहाई नहीं हो पा रही है, उनकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालौन के कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए, जिससे प्रभावी पैरवी कर उन्हें शीघ्र रिहा कराया जा सके। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की जमानत राज्य की ओर से जिला अधिकार प्राप्त समिति, जालौन के माध्यम से कराए जाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कारागार चिकित्सालय में भर्ती बंदियों के संबंध में कारागार चिकित्साधिकारी से जानकारी ली तथा बंदियों के मुकदमों की पैरवी, उन्हें उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता/सलाह, महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा एवं खान-पान व्यवस्था का भी जायजा लिया।

अपर जिला जज/सचिव ने बाल कारागार में निरुद्ध बंदियों से भी अलग-अलग जानकारी प्राप्त की और जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन बंदियों का कोई निजी अधिवक्ता नहीं है अथवा जिनकी विधिवत पैरवी नहीं हो पा रही है, उन्हें अनिवार्य रूप से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी विचाराधीन बंदी को सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो संबंधित न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कराकर एमिकस क्यूरी (न्यायमित्र) की सुविधा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो बंदी दोषसिद्ध हो चुके हैं और जिनकी अपील दाखिल नहीं हो सकी है, उनकी नियमानुसार जेल अपील कराई जाए तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से समन्वय स्थापित कर अपील की समय-सीमा समाप्त होने से पूर्व कार्यवाही पूर्ण की जाए। यदि किसी प्रकार की विधिक समस्या उत्पन्न होती है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संज्ञान में लाकर आवश्यकतानुसार माननीय उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से पत्राचार किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला कारागार स्थित लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया, जहां समस्त पत्रावलियां संतोषजनक स्थिति में पाई गईं।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक नीरज देव, कारापाल प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल अमर सिंह एवं रामलखन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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