आवास की रफ्तार पर डीएम का प्रहार: एक हफ्ते में सुधार नहीं तो गिरेगी गाज

उरई। रानी लक्ष्मीबाई सभागार में सोमवार को माहौल सामान्य समीक्षा बैठक जैसा नहीं था। चेहरे गंभीर थे और सवाल तीखे। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में जैसे ही आंकड़े सामने आए, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय का रुख सख्त हो गया। साफ संदेश था—अब ढिलाई नहीं, घर समय पर चाहिए।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आवास प्लस सर्वे–2024, जॉबकार्ड अपडेट, अपूर्ण आवासों की स्थिति और वित्तीय वर्ष 2025–26 की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। कई विकास खण्डों की धीमी और लापरवाह प्रगति ने जिलाधिकारी को नाराज़ कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक सप्ताह के भीतर जॉबकार्ड अपडेट और आवासों की पूर्णता सुनिश्चित की जाए, अन्यथा जिम्मेदारी तय होगी।

विशेष रूप से जालौन, नदीगांव, रामपुरा और कुठौन्द विकास खण्डों की स्थिति को जिलाधिकारी ने अत्यंत खराब करार दिया। इन खण्डों के खण्ड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और लक्ष्य पूरा न होने की दशा में कठोर प्रशासनिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। बैठक में यह साफ कर दिया गया कि अब रिपोर्ट नहीं, ज़मीनी नतीजे चाहिए।

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