खेतों से प्रयोगशाला तक का सफ़र, किसान पुत्र ने किया गाँव का नाम रोशन

सिरसा कलार। साधारण किसान परिवार में जन्म लेकर असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले चन्द्रजीत यादव ने ग्राम सिरसा कलार का नाम एक बार फिर शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में रोशन किया है। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर द्वारा उन्हें भौतिकी विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।

गौरतलब है कि सिरसा कलार के इतिहास में यह दूसरा अवसर है जब किसी व्यक्ति को पीएचडी जैसी उच्च शोध उपाधि प्राप्त हुई हो। इससे पूर्व वर्ष 1984 में लगभग 41 वर्ष पहले डॉ. लल्लू सिंह लाक्षाकार ने कृषि विज्ञान विषय के “फसल शरीर क्रिया विज्ञान” क्षेत्र में पीएचडी कर गाँव और क्षेत्र को गौरवान्वित किया था। इतने लंबे अंतराल के बाद किसान परिवार के बेटे चन्द्रजीत यादव ने इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है।

चन्द्रजीत यादव, बनवारी लाल यादव लंबरदार के सुपौत्र एवं हरनाथ सिंह यादव के ज्येष्ठ पुत्र हैं। उन्होंने भौतिक शास्त्र विभाग में
“दुर्लभ मृदा तत्वों से प्रतिस्थापित CuFe₂O₄ स्पाइनल फेराइट्स का संश्लेषण, संरचनात्मक एवं चुंबकीय अध्ययन”
विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया।

यह शोध कार्य उन्होंने सह प्राध्यापक डॉ. आर.पी. कुम्हार एवं सह प्राध्यापक डॉ. डी.के. साहू के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न किया। विश्वविद्यालय के शोध मार्गदर्शकों ने चन्द्रजीत यादव की मेहनत, लगन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की मुक्तकंठ से सराहना की। वहीं कुलपति ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय की शोध क्षमता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को विज्ञान एवं अनुसंधान की ओर प्रेरित भी करेगी।

इस उपलब्धि पर चन्द्रजीत यादव को उनके पिता हरनाथ सिंह यादव, माता श्रीमती रूपा यादव, चाचा मूरत सिंह यादव, बड़े भाई नरेंद्र सिंह यादव, कोमल सिंह यादव, प्रदीप यादव, छोटे भाई इन्द्रजीत यादव, रणजीत यादव, आशु यादव, भावेश यादव सहित समस्त परिजनों, शुभचिंतकों एवं ग्रामवासियों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

चन्द्रजीत यादव की सफलता से ग्राम सिरसा कलार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का वातावरण है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर शिक्षा के प्रति नई दिशा दिखाएगी।

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