उरई।
सड़क दुर्घटनाओं पर निर्णायक प्रहार और हर हादसे के बाद त्वरित जीवनरक्षक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस महानिदेशक, यातायात निदेशालय एवं उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जनपद जालौन में ZFD (Zero Fatality District) कार्यक्रम के तहत बड़ा कदम उठाया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत जिले के दुर्घटना-संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए कोतवाली उरई, कालपी, जालौन एवं थाना एट में CC Team (क्रिटिकल कॉरिडोर टीम) का गठन कर दिया गया है।
पुलिस लाइन में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा टीम ने यातायात प्रभारी की मौजूदगी में CC टीम को फर्स्ट एड, सीपीआर एवं अन्य आवश्यक जीवनरक्षक चिकित्सीय तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह स्पष्ट रहा कि सड़क हादसे के गोल्डन ऑवर में त्वरित मदद पहुंचाकर अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें।
इस अवसर पर यातायात प्रभारी जनपद जालौन ने सीसी टीम को यातायात नियंत्रण एवं प्रवर्तन में प्रयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों—ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड लेजर गन, बॉडी वॉर्न कैमरा सहित अन्य संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के लिए उच्चाधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से टीम को अवगत कराते हुए CC टीम के उद्देश्य, जिम्मेदारियां और कार्यक्षेत्र को स्पष्ट रूप से समझाया।
अधिकारियों ने दो टूक कहा कि CC टीम सिर्फ निगरानी नहीं, बल्कि जीवनरक्षक मोर्चा है, जो दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद राहत—दोनों मोर्चों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी। शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरस्पीड, लापरवाही और नियम उल्लंघन करने वालों पर अब तकनीक और प्रशिक्षण दोनों की ताकत से सख्त शिकंजा कसेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से यह साफ संकेत दे दिया गया है कि जालौन में अब सड़क हादसे भाग्य नहीं, जिम्मेदारी का विषय हैं। जीरो फेटैलिटी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन, पुलिस और चिकित्सा तंत्र एकजुट होकर मैदान में उतर चुका है।







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