उरई | भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद में निर्वाचक नामावली को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है। इसी क्रम में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को नोटिस वितरित किए जा रहे हैं, ताकि वे सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकें।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 06 जनवरी 2026 को किया गया। प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार जनपद में कुल 10,85,501 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 6,00,001 पुरुष, 4,85,448 महिला एवं 52 अन्य मतदाता शामिल हैं।
आयोग द्वारा नोटिस सुनवाई की अवधि 06 जनवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि में जनपद में नो-मैपिंग श्रेणी के 76,645 तथा लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी के 1,42,797 मामलों सहित कुल 2,19,442 नोटिस चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 79,002 नोटिस जनरेट कर सुनवाई की तिथियां निर्धारित की जा चुकी हैं, जबकि 5,432 नोटिस बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं। शेष नोटिसों की रिसीविंग की कार्यवाही प्रगतिमान है।
नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए जनपद में कुल 62 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की गई है। सुनवाई के दौरान मतदाता आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रकार के वैध दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित विभागों से कराए जाने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाएंगे।
निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 06 मार्च 2026 को किया जाना प्रस्तावित है।







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