उरई | जल शक्ति अभियान अंतर्गत जल शक्ति जन भागीदारी–2.0 (JSJB-2.0) 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की छोटी एवं सहायक नदियों के पुनरोद्धार को लेकर संबंधित विभागों को स्पष्ट एवं समयबद्ध दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद की समस्त छोटी एवं सहायक नदियों तथा उनसे जुड़े नालों को नदी स्रोत से लेकर बड़ी नदियों में संगम तक पूर्ण रूप से चिन्हित किया जाए, जिससे जल प्रवाह निर्बाध रूप से सुनिश्चित हो सके। इसके लिए आवश्यकतानुसार डी-सिल्टेशन, चैनलाइजेशन एवं कोर्स करेक्शन जैसे कार्य आधुनिक एवं उपयुक्त तकनीक के माध्यम से कराए जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपद में स्थित बड़े आकार के तालाबों को चिन्हित कर जनभागीदारी के माध्यम से उनका जीर्णोद्धार बसंत पंचमी से प्रारंभ किया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि गत वर्ष नून नदी का जीर्णोद्धार जनसहयोग से सफलतापूर्वक कराया गया था। नून नदी के शेष भाग के पुनरोद्धार हेतु पुनः जनसहयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 25 जनवरी 2026 को पदयात्रा आयोजित की जाएगी।
डीएम ने नदियों के किनारे मृदा एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों, जैसे चेकडैम, वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं, रपटा एवं छोटे बांधों के निर्माण को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या देरी कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य सहित जल संरक्षण एवं भू-जल रिचार्ज से संबंधित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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