उरई, 22 जनवरी 2026 (सू०वि०)।
लोकतंत्र की बुनियाद को और मज़बूत करने की दिशा में निर्वाचन आयोग ने नियमों की कसावट बढ़ा दी है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के इच्छुक नागरिकों के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है।

अपर जिलाधिकारी (वि० एवं रा०) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश श्री नवदीप रिणवा के निर्देशानुसार फार्म-6 में आवेदक का नाम, सही पता, शुद्ध वर्तनी, नवीनतम स्पष्ट फोटो तथा वर्तमान मोबाइल नंबर अंकित होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल/इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र, पासपोर्ट अथवा अन्य वैध दस्तावेजों में से कोई एक संलग्न किया जा सकता है।
यदि कोई अभिलेख उपलब्ध न हो तो 18 से 21 वर्ष के आवेदकों को माता-पिता या गुरु के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र के साथ संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। 21 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक केवल अपना घोषणा पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

निवास प्रमाण के लिए बिजली, पानी, गैस का बिल, आधार कार्ड, बैंक/डाकघर की पासबुक, भूमि स्वामित्व अभिलेख, किरायानामा या विक्रय विलेख मान्य होंगे। अभिलेख न होने की स्थिति में स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा।

घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची से स्वयं अथवा माता-पिता/दादा-दादी/नाना-नानी में से किसी एक का विवरण, विधानसभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या और क्रम संख्या अंकित करना अनिवार्य होगा। सही मैपिंग होने पर आवेदक को कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा, जबकि विवरण उपलब्ध न होने या मेल न खाने की स्थिति में नोटिस निर्गत किया जाएगा।

नोटिस के उत्तर में आवेदक को जन्म तिथि एवं जन्म स्थान के प्रमाण के लिए आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध अभिलेखों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। जन्म तिथि के आधार पर माता-पिता के प्रमाण भी आवश्यक हो सकते हैं।
यदि अभिभावक में से कोई भारतीय नहीं है तो वैध पासपोर्ट व वीज़ा की प्रति देना अनिवार्य होगा। भारत के बाहर जन्मे आवेदकों को संबंधित भारतीय मिशन द्वारा जारी प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।

उन्होंने बताया कि पात्र नागरिक voters.eci.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फार्म-6 (घोषणा पत्र सहित) भर सकते हैं। वहीं ऑफलाइन आवेदन सही ढंग से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ बीएलओ/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को जमा किए जा सकते हैं।

यह पहल मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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