पीली चुनर में लिपटी वाणी, उरई में वसंत पंचमी पर गूंजा सरस्वती वंदन

उरई | जिले भर में वसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। हर ओर पीले वस्त्र, पुष्पों की सुगंध और मां सरस्वती की वाणी की आराधना का पावन वातावरण छाया रहा। इसी क्रम में ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण समाज द्वारा वसंत उत्सव बड़े ही भव्य और गरिमामय रूप में मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष पं० शिवराम शर्मा, पूर्व जिला सांख्यिकी अधिकारी की अध्यक्षता में, पूर्व प्रधानाचार्य स्मृतिशेष पं० कालका प्रसाद शर्मा (कोटरा) की पुण्य स्मृति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। यह आयोजन उनके सुपुत्र सरल शर्मा (ऑडिटर) एवं सुशील कुमार शर्मा के संयोजन में बैजनाथ विला, डीवीसी पुस्तकालय, झांसी रोड, उरई में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर विधि महाविद्यालय उरई के प्रबंधक शरद शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य के०के० शर्मा, एवं एडवोकेट श्रीकांत शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समिति सदस्यों, मेधावी छात्रों, महिलाओं एवं बुद्धिजीवियों ने सामूहिक रूप से मां सरस्वती का विधिवत पूजन एवं वंदन किया।

विचार गोष्ठी में पूर्व बीडीओ लखनलाल शर्मा, एडवोकेट श्याम नारायण शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर शर्मा, एडवोकेट अनिल कुमार शर्मा, ठेकेदार संजू शर्मा (जालौन) सहित अन्य वक्ताओं ने अपने प्रेरक विचार साझा किए। कार्यक्रम का मंच संचालन गोल्डी शर्मा ने कुशलता व ओजस्वी शैली में किया।

इस अवसर पर समिति द्वारा मेधावी प्रतिभाओं को सम्मान राशि एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण महासभा की ओर से स्मृतिशेष पं० कालका प्रसाद शर्मा एवं मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।

कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक भोज एवं प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
इस पावन अवसर पर जागेश्वरानंद महाराज (चरखारी), राजेश शर्मा (टीकमगढ़), रामकुमार शर्मा (कोटरा), शिवकुमार शर्मा (खकशीस), अनुपम शर्मा (कोंच), चंद्रशेखर शर्मा, नीलेशराव (आईटीआई), शशिकांत शर्मा सोनू, सीता शर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं समाजजन उपस्थित रहे।

वसंत पंचमी के इस सांस्कृतिक आयोजन ने यह संदेश दिया कि
ज्ञान, संस्कार और स्मृतियों की लौ जब समाज में जलती है, तब वसंत केवल ऋतु नहीं—एक चेतना बन जाता है।

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