उरई | बसंत पंचमी के पावन अवसर पर उरई में इंसानियत ग्रुप ने इंसानियत, शिक्षा और संवेदना का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। ग्रुप द्वारा गरीब एवं असहाय बच्चों को पढ़ाई के लिए कॉपी, पेन और पेंसिल वितरित की गईं। इस अवसर पर लगभग 100 बच्चों को मिठाई खिलाकर उनका स्नेहपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का वातावरण बच्चों की मुस्कान, उत्साह और उम्मीद से सराबोर रहा। पढ़ाई की सामग्री पाकर बच्चों की आंखों में चमक और चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। इंसानियत ग्रुप ने यह संदेश दिया कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और कर्म है, जिसे उन्होंने बीते कुछ महीनों में अपने निरंतर सामाजिक कार्यों से सिद्ध कर दिखाया है।
इस अवसर पर उरई में “हमारी उम्मीद मिशन” का संचालन कर रहीं अवंतिका तिवारी का भी इंसानियत ग्रुप द्वारा स्वागत एवं सम्मान किया गया। अवंतिका तिवारी अपनी टीम के साथ छोटे-छोटे बच्चों को नि:शुल्क ट्यूशन प्रदान कर शिक्षा की अलख जगा रही हैं। ग्रुप के सदस्यों ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उन्हें मिठाई खिलाई और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ाया।
इस पुनीत कार्य में इंसानियत ग्रुप के संस्थापक सदस्य सुमित प्रताप सिंह, विनियन दुबे, मोहित गुप्ता, अभी तिवारी, आशीष मिश्रा, शिवा शुक्ला, प्रशांत अग्रवाल, हर्ष, देवांश, शैलेन्द्र सिंह, रमाकांत राजपूत, पुष्पेंद्र सिंह, सागर राजपूत, सत्यम दुबे, अंकित मिश्रा, किशन दुबे, राहुल तिवारी, आदित्य मिश्रा, सूर्या सेंगर, शनि ठाकुर, अभी ठाकुर, अनंत गौर, हंस राजपूत, दिगम्बर पांडे सहित इंसानियत ग्रुप के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
इंसानियत ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि यदि किसी सहयोगी का नाम अनजाने में छूट गया हो तो उसे जोड़ा जाएगा, क्योंकि यह कार्य किसी एक का नहीं बल्कि सामूहिक इंसानियत का प्रयास है।







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