“हरी झंडी से जागी चेतना, बेटियों के सम्मान में सड़कों पर उतरा जनपद”

उरई | राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जनपद में बालिकाओं के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण का संदेश लेकर एक प्रभावशाली जन-जागरूकता रैली निकाली गई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला पुरुष चिकित्सालय उरई से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह भी उनके साथ उपस्थित रहे।

रैली का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उन्हें शिक्षा और विकास के समान अवसर दिलाने की आवश्यकता को रेखांकित करना तथा कुरीतियों के विरुद्ध जनचेतना को मजबूत करना रहा।

ऑक्सफोर्ड एकेडमी, नटराज राजकीय बालिका इंटर कॉलेज उरई, राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र–छात्राओं ने उत्साहपूर्वक रैली में सहभागिता की। रैली जिला पुरुष चिकित्सालय से प्रारंभ होकर भगत सिंह चौराहा तक निकाली गई। इसमें एनसीसी की बालिकाएं, आशा, एएनएम, स्टाफ नर्सें, महिला चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि कदम से कदम मिलाकर चले।

रैली के दौरान बालक–बालिकाओं में समानता, बालिकाओं को शिक्षा एवं विकास के समान अवसर, कन्या भ्रूण हत्या, गिरता लिंगानुपात, बाल विवाह तथा पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम–1994 के प्रभावी अनुपालन को लेकर आमजन को जागरूक किया गया।

छात्र–छात्राओं द्वारा लगाए गए नारों ने वातावरण को भावनाओं से भर दिया—
“मैं भी छू सकती हूँ आसमान, मौके की है मुझे तलाश”
और
“मेरी बहनों को मारोगे, संतोष नहीं तुम पाओगे, धरती पर यदि हम न रहे तो पुरुष कहाँ से लाओगे—माँ को कैसे पाओगे”
जैसे नारों ने राहगीरों को रुककर सोचने पर मजबूर कर दिया।

रैली में डॉ. अरविन्द भूषण (अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी पी.सी.पी.एन.डी.टी.), आर.पी. विश्वकर्मा (अपर शोध अधिकारी), अरविन्द्र सिंह (स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी), प्रेम प्रताप (जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम), रूबी वर्मा (जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता), रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य, गांधी महाविद्यालय के छात्र–छात्राएं एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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