गोहांड (हमीरपुर)| विकासखंड गोहांड स्थित सहकारी समिति परिसर आज सहकारिता की चेतना और ग्रामीण विकास के संकल्प का केंद्र बना, जब उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने सहकारीजनों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के मार्ग सुझाए।
संवाद कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में गठित एवं प्रस्तावित नई सहकारी समितियों की प्रगति, कार्यप्रणाली और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. जादौन ने सहकारी पदाधिकारियों एवं सदस्यों से नवगठित समितियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए उनके प्रभावी संचालन के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।
सहकारीजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसके मजबूत होने से गांवों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई सहकारी समितियों के गठन से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और किसानों को समय पर खाद, बीज एवं अन्य कृषि संसाधन सुलभ हो सकेंगे।
डॉ. जादौन ने कहा कि अब किसानों को खाद और कृषि सामग्री के लिए दूर-दराज की समितियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समय, श्रम और संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने ग्राम अमगांव, इटेलिया एवं उमरिया में गठित सहकारी समितियों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन समितियों से किसानों को सीधा और त्वरित लाभ मिलेगा। स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिलने से खेती की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने सहकारी समितियों के पदाधिकारियों से पारदर्शिता, जवाबदेही और सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि सहकारिता केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा सामाजिक आंदोलन है, जिसे मजबूत बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार जालौन के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत, निदेशक महेंद्र सोनी, गोहांड सहकारी समिति के अध्यक्ष हिमांशु राजपूत, सचिव देवेंद्र त्रिपाठी, डायरेक्टर बलवान सिंह, गोहांड नगर पंचायत के सभासद जयहिंद द्विवेदी, चंद्रप्रकाश एवं पुष्पेंद्र सिंह उपस्थित रहे। वहीं उमरिया सहकारी समिति के अध्यक्ष रामपाल, सचिव रजनीश, इटेलिया बाजा के सचिव नितेश सिंह, अमगांव से नंदराम सिंह, मंडल महामंत्री धर्मपाल सिंह, श्याम करन प्रजापति सहित बड़ी संख्या में सहकारी कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।







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