सूर्यकुमार बाजपेई नीलगिरी आश्रम के सौंदर्यीकरण व मूर्ति स्थापना का निर्णय, चैत्र नवरात्र की सप्तमी को होगा ऐतिहासिक आयोजन
कुठोन्द–उरई।
ग्राम हुसेपुरा सुरई स्थित श्री श्री 10008 सूर्यकुमार बाजपेई नीलगिरी आश्रम—जो महान मानसाचार्य श्री सूर्यकुमार बाजपेई जी की पुण्य स्मृति में निर्मित है—अब आस्था, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का और अधिक सशक्त केंद्र बनने जा रहा है।
आश्रम में आयोजित हवन–पूजन एवं ग्रामवासियों की सर्वसम्मत सभा में यह निर्णय लिया गया कि आश्रम का सौंदर्यीकरण एवं विस्तार किया जाएगा। इस क्रम में मानसाचार्य श्री बाजपेई जी की मूर्ति के साथ-साथ भगवान शंकर (भोलेनाथ) की भव्य प्रतिमा की स्थापना भी की जाएगी।
यह मूर्ति स्थापना एवं भोलेनाथ की प्राण-प्रतिष्ठा का पावन आयोजन चैत्र नवरात्र की सप्तमी को विधि-विधान के साथ संपन्न होगा।
सभा से पूर्व आश्रम परिसर में विधिवत हवन कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा की अनुभूति स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
गौरतलब है कि मानसाचार्य श्री सूर्यकुमार बाजपेई जी के शिष्य केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे, बल्कि प्रदेश के विभिन्न अंचलों में फैले रहे। उरई क्षेत्र में गढ़रविनोरा घनाराम, उरई, जालौन, पीहर, रामपुरा, पतराही, नावर, नवादा, पिचौरा, खेरा, आलमपुर, जमालापुर सहित कई स्थानों पर उनके शिष्यों की सशक्त परंपरा रही है। नावर निवासी स्वर्गीय रामप्रताप मिश्रा भी उनके प्रमुख शिष्यों में शामिल रहे।
सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि आश्रम का वार्षिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
हवन–पूजन के उपरांत आश्रम के संचालन, सौंदर्यीकरण एवं व्यवस्थाओं के लिए कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें—
- अध्यक्ष : श्री विजय शंकर द्विवेदी
- संरक्षक : श्यामाचरण यादव (प्रधानपति)
- कोषाध्यक्ष : महेश दीक्षित (पत्रकार)
- व्यवस्थापक : भगवत शरण यादव, शिवबाबू यादव, भोलू मिश्रा
- विशिष्ट सदस्य : प्राग नारायण मिश्रा, राजेश उर्फ वबुआ दीक्षित
- कार्यकारी सदस्य : नाथूराम पाल, राजनारायण याज्ञनिक, बालकिशुन दोहरे
कार्यक्रम के समापन पर सभी ग्रामवासियों ने आश्रम को क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान बनाने के संकल्प के साथ सहभागिता निभाने का आश्वासन दिया।






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