उरई में सिंधु महोत्सव 2026 अकादमी का भव्य आयोजन, सुर-ताल-संस्कारों ने रचा यादगार उत्सव
उरई।
स्टेशन रोड स्थित पूज्य झूलेलाल भवन का सभागार रविवार को मानो सिंधु सभ्यता की जीवंत तस्वीर बन गया। रंग-बिरंगे परिधानों, मधुर सुरों, तालबद्ध नृत्य और भावनाओं से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के बीच उरई सिंधु महोत्सव 2026 अकादमी का भव्य सांस्कृतिक आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। पूरा सभागार सिंधी संस्कृति की सुगंध और सांस्कृतिक चेतना से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विजय चौधरी तथा अध्यक्षता कर रहीं भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पूर्व पूज्य झूलेलाल एवं अमर शहीद हेमू कलानी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा और सम्मान का भाव प्रकट किया गया।
इसके पश्चात मंच पर संस्कृति बोल उठी—
सिंधी सूफी कलाम की गूंज, भक्ति भजनों की सरस धुन, लोकगीतों की मिट्टी की खुशबू, बच्चों की मासूम कविताएं और देशभक्ति गीतों पर मनोहारी नृत्य… हर प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। तालियों की गड़गड़ाहट और मुस्कुराते चेहरों ने इस सांस्कृतिक संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों को सम्मानित किया गया, जिससे सभागार में संस्कार, अनुभव और सम्मान की त्रिवेणी प्रवाहित होती दिखाई दी।
मुख्य अतिथि विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि “सिंधी समाज ने देश की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना को सुदृढ़ करने में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सिंधु महोत्सव जैसे आयोजन समाज की परंपरा, एकता और विरासत को मजबूती देते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।”
विशिष्ट अतिथि विजय चौधरी ने कहा कि “सिंधु महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि भाईचारे और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश है। उरई की गंगा-जमुनी तहजीब को जीवित रखने में सिंधी समाज की भूमिका सराहनीय रही है।”
मुख्य वक्ता लक्ष्मण दास बाबानी ने सिंधी संस्कृति को त्याग, सेवा और मानवता की मिसाल बताते हुए कहा कि “पूज्य झूलेलाल की शिक्षाएं आज भी सत्य, प्रेम और एकता का मार्ग दिखाती हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कारों का संचार होता है।”
कार्यक्रम संयोजक कपिल आहूजा ने कहा कि सिंधु महोत्सव का उद्देश्य सिंधी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है, ताकि पहचान और आत्मगौरव की लौ सदैव प्रज्वलित रहे।
इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत के मुखिया राजकुमार जैसवानी, लीला रायवलानी एवं मोहन रायवलानी को सम्मानित किया गया। धूम आर्केस्ट्रा की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में अतिरिक्त रंग भर दिया।
कार्यक्रम के अंत में समिति द्वारा सभी अतिथियों एवं कलाकारों को मोमेंटो व शाल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस सांस्कृतिक महोत्सव में विक्की जुमनानी, दिनेश बलेचा, प्रकाश जुमनानी, अमर वरयानी, संतोष सिंधी, नरेश कालरा, मुकेश रहेजा, दया आहूजा, रवि छाबड़ा, रवि रावलानी, अमित आहूजा, मानसी बाबानी, भारती आहूजा, ज्योति जुमनानी, पूजा बलेचा, मंजू माखीजा, कोमल, पूनम चाबला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






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