उरई में दयाल गारमेंट्स परिवार के कन्या सामूहिक विवाह महायज्ञ ने रचा सामाजिक समरसता का उत्सव
उरई।
मंगलवार का दिन नगर के श्री शंकर बैंकेट हॉल में कुछ खास था। वैदिक मंत्रों की गूंज, शहनाइयों की मधुर धुन, सजी-संवरी दुल्हनें और समाज की सहभागिता—इन सबके बीच दयाल गारमेंट्स परिवार, उरई द्वारा आयोजित कन्या सामूहिक विवाह महायज्ञ भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन गहाई वैश्य सेवा संस्थान की प्रेरणा से किया गया, जिसमें चार कन्याओं का विवाह पूर्ण वैदिक रीति-रिवाजों से कराया गया।
सामूहिक विवाह से पूर्व नगर में एक भव्य बरात यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे उरई को उत्सव के रंग में रंग दिया। बरात में मुख्य अतिथि के रूप में महंत श्रीश्री 1008 जगन्नाथ जी महाराज (महंत, मां बंचरूजी मंदिर कालीपीठ) एवं बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्री श्याम महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बरात शंकर बैंकेट हॉल से प्रारंभ होकर राठ रोड, घंटाघर, शहीद भगत सिंह चौराहा, चंद्रनगर और गोपालगंज से गुजरते हुए पुनः आयोजन स्थल पहुंची। मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर बरात का स्वागत किया, जिससे वातावरण पूरी तरह मंगलमय हो उठा।
कार्यक्रम के आयोजक श्री प्रमुद्याल रेजा एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती उषा रेजा (पूर्व सभासद) स्वयं अपने परिवार सहित बरात में सहभागी बने। आयोजन स्थल पर पहुंचते ही सभी दूल्हों की पारंपरिक द्वारचार रस्म संपन्न कराई गई। आयोजकों द्वारा सभी दूल्हों को चांदी का सिक्का, सफारी सूट एवं शृंगार सामग्री भेंट स्वरूप प्रदान की गई।
इस पावन अवसर पर जिन चार युगलों का वैवाहिक बंधन संपन्न हुआ, वे रहे—
नितय वर्मा – कु. प्रियंका,
रवि कुमार – कु. आसू,
बलराम वर्मा – कु. प्रियंका,
अमन कुमार – कु. सविता।
दयाल परिवार के कृष्ण कुमार रेजा (बड़े), संतोष कुमार रेजा एवं आदर्श रेजा (शानू) ने बताया कि विवाहोपरांत जयमाल एवं फेरे विधिवत संपन्न कराए गए। सभी नवदंपत्तियों को संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिससे उनके दांपत्य जीवन के सुखमय होने की कामना की गई।
गौधूलि बेला में कन्या पक्ष एवं आयोजकों द्वारा भावपूर्ण विदाई दी गई। नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक गृह उपयोगी सामान भी उपहार स्वरूप प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में गहाई वैश्य सेवा संस्थान, गहाई सेवा मंडल, गहाई सेवा समिति, गहाई महिला मंडल सहित समाज के विभिन्न वर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। आयोजन का सफल संचालन
जीवनराम गुप्ता (एडवोकेट) एवं रवि इंटोडिया (छोटे) द्वारा किया गया।
यह सामूहिक विवाह महायज्ञ न केवल चार कन्याओं के जीवन का शुभारंभ बना, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।






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