रामपुरा पुलिस ने रक्तदान कर 13 वर्षीय नाबालिग पीड़िता को दी जीवन की संजीवनी
रामपुरा–उरई।
कभी कानून का डंडा थामने वाली वर्दी जब जीवन बचाने के लिए आगे बढ़े, तो समाज में भरोसे की लौ और प्रज्वलित हो जाती है। ऐसा ही मानवीय दृश्य रामपुरा में देखने को मिला, जब अत्यधिक रक्त की कमी से जूझ रही 13 वर्षीय नाबालिग रेप पीड़िता के लिए रामपुरा थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ स्वयं रक्तदाता बन गए।
रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम टीहर निवासी पीड़िता को अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की रिपोर्ट ने स्थिति की भयावहता को उजागर कर दिया—जहां सामान्य रूप से 12 पॉइंट होना चाहिए, वहां पीड़िता का हीमोग्लोबिन मात्र 2 पॉइंट रह गया था। हालत इतनी नाजुक थी कि हर पल जीवन पर संकट मंडरा रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल उपचार की व्यवस्था कराई गई। लेकिन जब रक्त की तत्काल आवश्यकता सामने आई, तो रामपुरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह ने औपचारिकता नहीं, बल्कि संवेदना को चुना। उनके साथ आरक्षी विकास एवं आरक्षी आदित्य कुमार तिवारी ने भी आगे बढ़कर एक-एक यूनिट रक्तदान किया।
रक्त की हर बूंद के साथ मानो भरोसा, साहस और मानवता पीड़िता की नसों में प्रवाहित हो गई। चिकित्सकों के अनुसार समय पर रक्त उपलब्ध होने से पीड़िता की स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है।
इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में संरक्षक और जीवन रक्षक की भूमिका भी निभाती है। रामपुरा पुलिस द्वारा किया गया यह कार्य न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी है।






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