उरई |
जिला कारागार की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने बुधवार को जिला कारागार का सघन एवं औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागार की समस्त बैरकों की गहन तलाशी ली गई, हालांकि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक अथवा प्रतिबंधित सामग्री नहीं पाई गई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक बैरक की प्रतिदिन अनिवार्य रूप से गहन जांच कराई जाए तथा सभी निरीक्षणों का विधिवत अभिलेखीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कारागार में बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर की स्वच्छता एवं खाद्य सामग्री की आपूर्ति व्यवस्था की भी बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजन शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही उपलब्ध कराया जाए और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि कारागार प्रशासन में अनुशासन, सुरक्षा और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं कारागार कर्मियों को चौकसी बढ़ाने, नियमित सघन चेकिंग करने तथा परिसर में अनुशासन का सख़्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कारागार की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
औचक निरीक्षण से कारागार प्रशासन में हड़कंप की स्थिति देखी गई। इस दौरान जेल अधीक्षक नीरज देव सहित कारागार के समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। डीएम–एसपी के इस संयुक्त निरीक्षण को जेल व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






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