उरई।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश से मिला और शिक्षकों से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को लेकर आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर जिला महामंत्री इलयास मंसूरी ने तीसरे चरण के समायोजन में आई आपत्तियों को दूर कर शिक्षकों के साथ न्याय किए जाने की मांग की। उन्होंने बेसिक शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने, शिक्षामित्रों के स्थानांतरण व समायोजन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा सीसीएल (चाइल्ड केयर लीव) आवेदनों पर अनावश्यक आपत्तियां लगाकर उन्हें अपने स्तर से निरस्त किए जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा आधार कार्ड निर्माण के लिए बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की जिम्मेदारी ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत सचिव को सौंपे जाने की मांग रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे ऐसे शिक्षकों का मुद्दा भी उठाया जो गैर जनपद से आए हैं, लेकिन जिनका जीपीएफ फंड अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में फंड शीघ्र मंगवाने तथा समस्त सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन और अन्य देयकों का भुगतान समय से सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई।
इसके साथ ही विद्यालयों में बाउंड्रीवाल के निर्माण एवं उच्चीकरण, एमडीएम कन्वर्जन कॉस्ट तथा फल वितरण की धनराशि अग्रिम या समय से उपलब्ध कराए जाने की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
बीएसए चंद्र प्रकाश ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव, सरला कुशवाहा, इनाम उल्ला अंसारी, संजीव गुर्जर, हेमा पटेल, कल्पना, शिल्पी, सत्यपाल, अमित यादव, रामराजा जादौन, दशरथ पाल, उमेश कुमार, कप्तान सिंह, शैलेन्द्र सिंह, अरविंद निरंजन, शारिक अंसारी, प्रदीप कुमार सिंह, विनयदीप तिवारी, छुन्ना प्रसाद, अवधेश श्रीवास्तव, राजेंद्र सोनी, सत्यनारायण, रामप्रकाश सोनी, सरला सिंह, राममनोहर सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।






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