लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का संकल्प — जनपद में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ मतदाता सूची वाचन कार्यक्रम

उरई |
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता होता है, और उसकी पहचान मतदाता सूची से होती है। इसी मूल भावना को साकार करने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार, 31 जनवरी 2026 को जनपद जालौन के समस्त मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा आलेख्य मतदाता सूची का वाचन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में पारदर्शिता, शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना तथा नागरिकों को अपने नाम, पते एवं अन्य विवरणों की जांच के प्रति जागरूक करना रहा। प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ द्वारा मतदाता सूची को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया गया, जिसे सुनने एवं सत्यापित करने के लिए बड़ी संख्या में नागरिकगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फॉर्म-6 (नया पंजीकरण), फॉर्म-7 (नाम विलोपन) एवं फॉर्म-8 (संशोधन) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए, जिससे पात्र नागरिक मौके पर ही आवेदन कर सकें और किसी भी प्रकार की त्रुटि का त्वरित समाधान हो सके।

मतदाता सूची वाचन कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी हेतु सभी ईआरओ/एईआरओ, बीएलओ सुपरवाइजर एवं वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते रहे।

जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्वयं टाउन हॉल उरई, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय नया पटेल नगर, नगर पालिका परिषद उरई, शालिग्राम पाठक इंटर कॉलेज कौंच तथा कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज कौंच सहित विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची की शुद्धता एवं अद्यतनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आत्मा है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने नाम की जांच अवश्य करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाए तो निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से समय रहते उसका सुधार कराएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे।

यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक पहल रहा, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हुआ।

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