उरई।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों एवं अन्य शिक्षा कार्मिकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे शिक्षक हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने कहा कि लाखों शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की महासंघ की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी हो गई है। उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रदेश नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान ने इस फैसले को शिक्षक हितैषी बताते हुए प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह निर्णय शिक्षकों की सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेगा।
जिला महामंत्री इलयास मंसूरी ने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ पुरानी पेंशन योजना एवं सेवा सुरक्षा जैसे जटिल विषयों पर भी लगातार संघर्षरत है और संगठन शीघ्र ही इन मुद्दों पर भी निर्णायक सफलता प्राप्त करेगा।
इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री तनवीर अहमद, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, संयुक्त महामंत्री अरविन्द स्वर्णकार, अयूब खान, रमाकान्त व्यास, मनोज बाथम, सरला कुशवाहा, राजा सिंह यादव, इनाम उल्ला अंसारी, संजीव गुर्जर, अशोक सिंह राजावत, अखिलेश कुमार खरे, महेन्द्र श्रीवास्तव, ऋषि बुधौलिया, अरविंद तोमर, सलिल कान्त श्रीवास, विकास कुमार, वृंदावन त्रिपाठी, रमेश भारद्वाज, रियायत बेग, राजदेवर, योगेंद्र सिंह सहित अनेक पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश नेतृत्व की सराहना की।
सभी पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के ऐसे निर्णय भविष्य में भी शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।








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