22 फरवरी को उरई में सजेगा न्याय और विश्वास का महाकुंभ — पीड़ित, वंचित और जरूरतमंदों को मिलेगी नई उम्मीद

उरई।
जब किसी गरीब की आवाज़ दब जाती है, जब कोई मजबूर न्याय के लिए भटकता है, और जब जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाता है — तब ऐसे समय में आशा की एक नई किरण बनकर 22 फरवरी 2026 को राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

इस शिविर के माध्यम से आमजन को न्याय, सम्मान और अधिकार दिलाने का एक सार्थक प्रयास किया जाएगा।

शिविर की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में अपर जिला जज प्रथम एवं नोडल अधिकारी सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि यह शिविर केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने का संकल्प है।

उन्होंने बताया कि इस शिविर में गरीब, वंचित, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सलाह, विवादों का समाधान, लोक अदालत की जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर प्रदान किया जाएगा।

नोडल अधिकारी ने भावुक शब्दों में कहा कि कई बार लोग केवल जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। यह शिविर ऐसे लोगों के लिए आशा, सहारा और भरोसे का केंद्र बनेगा, जहां उन्हें बिना डर, बिना झिझक न्याय और सहायता मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि सभी विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां अधिकारी स्वयं आगे बढ़कर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही समाधान का प्रयास करेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति खाली हाथ न लौटे।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस शिविर को सेवा, संवेदना और समर्पण का उदाहरण बनाएं, जिससे आमजन का प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो सके।

इस अवसर पर सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाम्भवी प्रथम, अपर जिलाधिकारी न्यायिक योगेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।

यह मेगा शिविर उन हजारों चेहरों पर मुस्कान लाने का माध्यम बनेगा, जो वर्षों से न्याय और सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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