उरई।
ग्राम बरसार में आयोजित विष्णु महायज्ञ एवं भागवत कथा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध कथावाचिका रश्मि शास्त्री ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना गुरु के न तो जीवन सार्थक होता है और न ही ईश्वर तक पहुंच संभव है।
उन्होंने कहा कि गुरु ही जीवन का सच्चा मार्गदर्शक होता है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। जीवन में चाहे कितनी भी परेशानियां क्यों न आएं, यदि व्यक्ति नियमित रूप से भागवत कथा श्रवण करता है, तो सभी कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं।
रश्मि शास्त्री ने चार महान ग्रंथों के महत्व को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा—
“रामायण हमें जीना सिखाती है, महाभारत जीवन और मृत्यु का सत्य बताती है, गीता कर्म का मार्ग दिखाती है और भागवत हमें मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ाती है।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि जीवन में परिश्रम, चरित्र में पारदर्शिता, परिवार में प्रेम और रिश्तों में पवित्रता बनाए रखें, तभी मानव जीवन सफल हो सकता है।
भागवत कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर नजर आया। “राधे-राधे” और “हरि बोल” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर यज्ञ संरक्षक रामकुमार शर्मा, अध्यक्ष धर्मपाल कौशिक ग्राम प्रधान, धर्मपाल सिंह राजपूत मुखिया, कोषाध्यक्ष रामबिहारी राजपूत, यज्ञ राजा इन्द्रपाल सिंह राजपूत, श्रीकान्त शर्मा, सुघर सिंह राजपूत, चरन राजपूत लम्बरदार, अरविन्द सिंह राजपूत, अर्जुन राजपूत, मनमोहन कौशिक, अयोध्या प्रसाद राजपूत, ख्याली राजपूत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि ऐसी कथाएं न केवल आत्मिक शांति प्रदान करती हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा भी देती हैं।







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