उरई। सहकारिता विभाग की समस्त सहकारी समितियों के कम्प्यूटराइजेशन की प्रगति की समीक्षा एवं कार्यों के अनुमोदन हेतु गठित जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं निगरानी समिति (डीएलआईएमसी) की बैठक जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन के प्रथम एवं द्वितीय चरण में चयनित 49 बी-पैक्स से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने 31 मार्च 2025 की स्थिति के अनुसार डे-एण्ड, ईयर-एण्ड प्रोसेज, ऑन-सिस्टम ऑडिट, डायनमिक डे-एण्ड, अनरिकन्साइल डाटा एवं ई-पैक्स से संबंधित कार्यों की प्रगति की जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में 14 समितियों के डे-एण्ड, 20 समितियों के ईयर-एण्ड प्रोसेज एवं ऑन-सिस्टम ऑडिट, 08 समितियों के डायनमिक डे-एण्ड तथा 24 पैक्स को ई-पैक्स घोषित किए जाने एवं हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
समीक्षा के दौरान बी-पैक्स मडोरा, उत्तरी ऊमरी, ऐट, गॉधीनगर गधेला, इटौरा, कदौरा एवं जगम्मनपुर में डाटा फीडिंग का कार्य अधूरा पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित सचिवों का कार्य पूर्ण होने तक वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जिन समितियों में कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी पाई गई, वहां सचिवों एवं पर्यवेक्षीय अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सहकारी समितियों का कम्प्यूटराइजेशन शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि सहकारी समितियों को पूरी तरह डिजिटल बनाकर किसानों एवं उपभोक्ताओं को पारदर्शी एवं आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में सदस्य/संयोजक डॉ. भानुप्रताप सिंह, डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक के प्रतिनिधि, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एनआईसी जालौन, नोडल अधिकारी पैक्स कम्प्यूटराइजेशन तथा विभिन्न समितियों के सचिव उपस्थित रहे।






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