मीना मंच से आत्मविश्वास की उड़ान, ‘प्रगति स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0’ में बच्चों ने बिखेरी रचनात्मकता

उरई, 14 फरवरी 2026 (सू.वि.)।
जनपद मुख्यालय स्थित साई पैलेस में “प्रगति स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0” बाल उत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

कार्यक्रम में जनपद के सभी विकास खंडों से पाँच-पाँच मॉडल मीना मंचों तथा आठ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बच्चों ने अपने जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर आधारित स्वलिखित कहानियाँ प्रस्तुत कीं तथा स्वयं निर्मित कॉमिक बुक के माध्यम से अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भी छात्र-छात्राओं ने सामाजिक विषयों पर आधारित सशक्त संदेशों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया।

बच्चों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि मीना मंच केवल एक मंच नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, आत्मविश्वास और स्वाभिमान को सशक्त करने का माध्यम है। जब बच्चे स्वयं अपनी कहानी लिखते हैं, कॉमिक बनाते हैं और जेंडर स्टीरियोटाइप जैसे विषयों पर विचार रखते हैं, तब वे परिवर्तन के वाहक बनते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में अभिव्यक्ति क्षमता, नेतृत्व कौशल और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास करना भी है। ऐसे कार्यक्रम आत्मसम्मान और निर्णय क्षमता को मजबूत करते हैं।

जिलाधिकारी ने जेंडर स्टीरियोटाइप, मीडिया के आदर्श स्वरूप एवं हानिकारक बॉडी टॉक जैसे विषयों पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत विचारों की विशेष सराहना करते हुए इसे सशक्त समाज की नींव बताया।

प्रतियोगिताएं एवं चयन

निर्णायक मंडल द्वारा प्रत्येक प्रतियोगिता में पाँच-पाँच प्रतिभागियों का चयन मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। पोस्टर मेकिंग एवं “मेरे बदलाव की कहानी” श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सराहा गया।

सम्मान एवं प्रशस्ति

कार्यक्रम में जिला नोडल डॉ. ममता स्वर्णकार, मास्टर ट्रेनर डॉ. कल्पना श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार शुक्ला, मनीष कुमार ओझा, निधि सिंहा एवं विपिन उपाध्याय को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

साथ ही प्रतिभागी बच्चों, नोडल शिक्षकों एवं सुगमकर्ताओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति राजपूत एवं डीसी बालिका नैना सेंगर के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।

बच्चों के सपनों को मिला सशक्त मंच

इस बाल उत्सव का मुख्य उद्देश्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित सेल्फ-स्ट्रीम एवं मीना मंच गतिविधियों के अंतर्गत बच्चों के सपनों और आकांक्षाओं का उत्सव मनाना, उनके आत्मविश्वास को पोषित करना तथा सफलता की कहानियों को साझा करना रहा।

कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि जब बच्चों को सही दिशा और अवसर मिलता है, तो वे न केवल स्वयं आगे बढ़ते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा भी बनते हैं।

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