उरई, 14 फरवरी (सू०वि०)।
‘‘सड़क सुरक्षा माह’’ के अंतर्गत शनिवार को वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सुरेश कुमार द्वारा शहर के विभिन्न स्थलों पर स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान वाहन चालकों एवं परिचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया।
निरीक्षण के दौरान चालकों को निर्देशित किया गया कि वे छात्र-छात्राओं को घर से सुरक्षित रूप से लेकर आएं तथा निर्धारित स्थान पर ही उतारें। क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में न बैठाने, निर्धारित लेन में वाहन चलाने, रॉन्ग साइड से न चलने, तेज गति से वाहन न चलाने, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग न करने तथा आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने चालकों को वाहन के समस्त आवश्यक प्रपत्र जैसे पंजीयन प्रमाणपत्र, फिटनेस, बीमा, परमिट एवं ड्राइविंग लाइसेंस सदैव साथ रखने के निर्देश दिए। साथ ही राहवीर योजना, हिट एंड रन योजना एवं कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य जांच व सुरक्षा उपकरणों पर दिया गया विशेष जोर
चालकों एवं परिचालकों को समय-समय पर स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण कराने की सलाह दी गई। किसी भी समस्या की स्थिति में प्रबंधन एवं परिवहन विभाग से संपर्क करने का सुझाव दिया गया, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
इसके अतिरिक्त वाहनों में रखे फर्स्ट एड बॉक्स की नियमित जांच करने, दवाइयों की वैधता सुनिश्चित करने तथा वाहन में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही अग्निशमन यंत्र के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त करने पर भी बल दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूली वाहनों की सुरक्षा से सीधे बच्चों का भविष्य जुड़ा है, इसलिए नियमों का पालन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार के निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।






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