उरई। जनपद जालौन में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग द्वारा बड़ी परियोजनाओं की स्थापना के लिए निवेश के नए अवसर सृजित किए गए हैं। जिला प्रशासन के सुनियोजित प्रयासों से लगभग 23 हजार एकड़ बीहड़ एवं बंजर भूमि को वृहद सौर ऊर्जा एवं ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए चिन्हित किया गया है, जिससे जनपद ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रदेश सरकार की नई सौर ऊर्जा नीति-2022 के अंतर्गत जनपद में 4000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं में निवेश के लिए कई प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम आगे आए हैं। इनमें Bundelkhand Solar Urja Limited, NLC India Limited, Coal India Limited, Indian Oil Corporation Limited एवं NTPC Renewable Energy Limited शामिल हैं।
2360 मेगावाट की परियोजनाएं विकासाधीन
वर्तमान में जनपद में 2360 मेगावाट की सौर परियोजनाओं की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। इसके अंतर्गत—
- 1200 मेगावाट का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क परियोजना का कार्य बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
- 150 मेगावाट की परियोजना एनएलसी इंडिया द्वारा संचालित की जा रही है।
- 1000 मेगावाट की परियोजना कोल इंडिया लिमिटेड को आवंटित की गई है, जिसके लिए सर्वे कार्य प्रारंभ हो चुका है।
कुसुम योजना से किसानों को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम) योजना के अंतर्गत कंपोनेंट सी-2 के तहत 9.1 मेगावाट क्षमता के सोलराइजेशन कार्य किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत औंता, हदरूख, सरावन, जगम्मनपुर एवं आटा विद्युत उपकेंद्रों के ट्यूबवेल फीडर सौर ऊर्जा से संचालित किए जा रहे हैं, जो आगामी तीन माह में पूर्ण हो जाएंगे।
2286 घरों में लगे रूफटॉप सोलर प्लांट
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जनपद के 2286 घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 18 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इससे लाभार्थी परिवार अपने विद्युत बिल में 80 से 90 प्रतिशत तक बचत कर रहे हैं।
412 मेगावाट से हो रहा 2 मिलियन यूनिट उत्पादन
वर्तमान में जनपद में 412 मेगावाट की सौर परियोजनाएं स्थापित हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 2 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख टन कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण संभव हुआ है। साथ ही इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से प्रतिदिन लगभग 200 मानव दिवस का सृजन हो रहा है।
भविष्य में 3300 मेगावाट से बदलेगा जालौन का स्वरूप
आगामी चरण में 3300 मेगावाट की सौर परियोजनाओं की स्थापना से जनपद में प्रतिदिन लगभग 15 मिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन होगा। इससे लगभग 5 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा प्रतिदिन लगभग 2000 मानव दिवस का रोजगार सृजन होगा।
प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद जालौन प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।






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