उरई | 17 फरवरी। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य के तहत उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने निजी वाहनों के व्यावसायिक पंजीकरण को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। इस संबंध में वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सुरेश कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कई वाहन स्वामी अपनी कारों और जीपों को निजी श्रेणी में पंजीकृत कराकर व्यावसायिक कार्यों में प्रयोग करते हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन और कर चोरी होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने नई अधिसूचना जारी की है।
💰 अब सिर्फ 1.5% अतिरिक्त टैक्स में मिलेगा फायदा
सुरेश कुमार ने बताया कि शासन की 30 जनवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार—
- 10 लाख रुपये तक मूल्य वाले चार पहिया वाहन को
व्यावसायिक में पंजीकृत कराने पर
👉 केवल 10.5% एकमुश्त कर देना होगा। - जबकि निजी वाहन पर पहले से 9% टैक्स लागू है।
इस प्रकार केवल 1.5% अतिरिक्त टैक्स देकर वाहन स्वामी अपने वाहन को वैध रूप से व्यावसायिक उपयोग में ला सकते हैं और चालान व कानूनी अड़चनों से बच सकते हैं।
🚖 टैक्सी और मैक्सी कैब को भी मिलेगी सुविधा
इसी तरह निजी रूप से पंजीकृत टैक्सी कैब और मैक्सी कैब को भी व्यावसायिक वाहन में बदलने की सुविधा दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, गैर-परिवहन वाहन को परिवहन श्रेणी में बदलने पर वाहन मूल्य का 2.5% अतिरिक्त कर देय होगा।
🤝 चालकों-स्वामियों के साथ हुई बैठक
शासन के निर्देशों के क्रम में 17 फरवरी को उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, उरई में टैम्पो-टैक्सी यूनियन अध्यक्ष सुधीर कुमार पाण्डेय सहित टैक्सी एवं मैक्सी कैब चालकों और वाहन स्वामियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अधिकारियों ने सभी से अपील की कि वे शासन की इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने वाहनों का नियमानुसार व्यावसायिक पंजीकरण कराएं।
⚠️ नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि कोई वाहन निजी पंजीकरण के बावजूद व्यावसायिक रूप से चलता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी।
📌 प्रशासन की अपील
विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों का पंजीकरण परिवर्तन कराकर शासन की योजना का लाभ उठाएं और कानूनी परेशानियों से बचें।







Leave a comment