स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, खराब प्रगति पर वेतन रोकने के निर्देश

उरई। जनपद में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, पोर्टलों तथा वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

💰 वेतन व मानदेय भुगतान की समीक्षा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के एसएनए स्पर्श पोर्टल के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त धनराशि के सापेक्ष कर्मचारियों का वेतन एवं आशा मानदेय जनवरी 2026 तक भुगतान कर दिया गया है।
ब्लॉक स्तर पर 83 प्रतिशत धनराशि व्यय की जा चुकी है, जबकि शेष पर कार्यवाही जारी है।

📉 कम प्रगति पर डीएम नाराज

आरसीएच एवं एचएमआईएस पोर्टल पर 01 अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि—

  • एक सप्ताह में कार्ययोजना तैयार की जाए
  • वर्क प्लान पोर्टल से जनरेट डेटा का 100% अपडेट किया जाए

कदौरा, कुठौंद, कोंच, कालपी, जालौन, जिला महिला चिकित्सालय व मेडिकल कॉलेज को 15 दिन में लंबित भुगतान पूरा करने के निर्देश दिए गए।

👶 कुपोषित बच्चों के इलाज पर विशेष जोर

एफबीएनसी पोर्टल के अंतर्गत एनआरसी कार्यक्रम की समीक्षा में बेड ऑक्यूपेंसी 83 प्रतिशत पाई गई, जिसे लक्ष्य से कम बताया गया।

डीएम ने निर्देश दिए कि—

  • प्रत्येक ब्लॉक से प्रतिमाह कम से कम 25 कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जाए
  • सीएचसी कोंच, कालपी, जालौन, माधौगढ़ सहित जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ प्रतिमाह कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करें

📊 कई ब्लॉकों की प्रगति कमजोर

ई-कवच पोर्टल, एएनसी रजिस्ट्रेशन, एमडीएसआर रिपोर्ट, एसएनसीयू व एनबीएसयू इकाइयों की प्रगति भी कमजोर पाई गई।
छिरिया, कदौरा, पिंडारी, महेवा, नदीगांव, माधौगढ़, बावई सहित कई क्षेत्रों को विशेष सुधार के निर्देश दिए गए।

क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में रामपुरा, कदौरा, कुठौंद, डकोर, उरई व आटा ब्लॉक की प्रगति जिला औसत से कम पाई गई।

⚠️ लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि—

“स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही और खराब प्रगति किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।”

उन्होंने अत्यंत खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए तथा अगले माह सुधार न होने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।

👥 अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीरेंद्र सिंह, सीएमसी आनंद उपाध्याय सहित संबंधित अधिकारी व चिकित्सक उपस्थित रहे।

✨ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर

समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। प्रशासन का मानना है कि सख्ती से योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर होगा और आमजन को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

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