उरई। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी में ‘विकसित कृषि 2047’ के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय एवं दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिनेश कुलकर्णी (अखिल भारतीय संगठन मंत्री, भारतीय किसान संघ) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. एस.के. दुबे मौजूद रहे।
🌱 कृषि विकास पर विशेषज्ञों के विचार
कार्यक्रम में अभय महाजन (अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ),
बसंत पंडित (संगठन सचिव),
डॉ. सिंह (कुलपति) सहित अन्य अतिथियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
विशेष आमंत्रित अतिथियों में पद्मश्री से सम्मानित सेतपाल सिंह,
चंद्रशेखर सिंह,
संजय पहाड़िया सहित कई प्रगतिशील किसान शामिल रहे।
🌿 प्राकृतिक खेती और चंदन पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी ने प्राकृतिक खेती एवं चंदन की खेती को बढ़ावा देने पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में इसके प्रचार-प्रसार और व्यावहारिक क्रियान्वयन के तरीकों पर सुझाव दिए।
इसके अलावा अवधेश प्रताप सिंह,
कृष्णा यादव,
अशोक सिंह ने भी कृषि विकास से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
🎤 संचालन व स्वागत
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष शर्मा द्वारा किया गया।
अतिथियों का स्वागत डॉ. एस.के. चतुर्वेदी (निदेशक शोध) ने किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विकसित कृषि 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पादन, नवाचार और किसानों की सहभागिता को जरूरी बताया। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि को नई दिशा मिलेगी।








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