बैसाखी से भरोसे तक: डीएम की संवेदनशीलता ने बुजुर्ग को दिया सहारा

उरई। जनसुनवाई के दौरान उस समय भावुक माहौल बन गया, जब जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने एक बुजुर्ग की पीड़ा को न केवल सुना, बल्कि उसे तत्काल राहत भी दिलाई।

बुधवार को सुबह 10 बजे से आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


💔 जब फरियाद बनी उम्मीद

जनसुनवाई के दौरान बुजुर्ग अशोक शर्मा अपनी चलने की परेशानी लेकर पहुंचे। कांपते कदमों और बैसाखी के सहारे उन्होंने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि अब बैसाखी के सहारे भी चलना उनके लिए मुश्किल हो गया है।

उनकी बात सुनते ही जिलाधिकारी का हृदय पसीज उठा। उन्होंने तुरंत समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए और मौके पर ही ट्राइसाइकिल व बैसाखी उपलब्ध कराई गई।

जैसे ही अशोक शर्मा को ट्राइसाइकिल मिली, उनके चेहरे पर संतोष, राहत और खुशी साफ झलक उठी। उनकी आंखों में आभार के आंसू थे और होंठों पर मुस्कान।


🌱 संवेदनशील प्रशासन का संदेश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि—

“दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों के मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता सर्वोपरि होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल फाइलें निपटाना नहीं, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत पहुंचाना है।


📋 शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई

जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी अनेक शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि जनता का भरोसा बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

Leave a comment