उरई, दिनांक: 26 फरवरी 2026 (सू०वि०)
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वीरेन्द्र कुमार सिंह के निर्देशानुसार आज मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शाम्भवी द्वारा जिला कारागार उरई का मासिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर निरुद्ध बंदियों से वार्ता की गई तथा उनकी समस्याओं को जाना गया। साथ ही जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बंदियों की मुकदमा पैरवी, विधिक सहायता, महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा व खान-पान की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बच्चों की शिक्षा के संबंध में बताया गया कि उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र भेजा जाता है।
निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए गए कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं या जिनकी पैरवी विधिवत नहीं हो पा रही है, उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। आवश्यकता होने पर सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता उपलब्ध कराने हेतु संबंधित न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कराया जाए, ताकि एमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र) की सुविधा मिल सके।
सभी बंदियों को प्ली बार्गेनिंग योजना की जानकारी देने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालौन के सहयोग से विधिक जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही ऐसे बंदियों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया, जिन्होंने संभावित सजा की आधी अथवा एक-तिहाई अवधि पूर्ण कर ली है।
जेल की पाकशाला का निरीक्षण करने पर वह स्वच्छ पाई गई। जेल चिकित्सालय की समस्त प्रविष्टियां सही पाई गईं। निरीक्षण के समय जिला अस्पताल उरई की टीम द्वारा एचआईवी/सिफलिस जांच भी की जा रही थी, जिसमें जेल प्रशासन द्वारा पूर्ण सहयोग दिया गया।
दोषसिद्ध बंदियों की अपील समय से कराए जाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक नीरज देव, जेल चिकित्सक डॉ. राहुल बर्मन, उप कारापाल अमर सिंह एवं रामलखन उपस्थित रहे।






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