यमुना यात्रा में चिन्हित कार्य होंगे पूर्ण: स्वतंत्र देव सिंह

नईदिल्ली । जल सहेलियों की अविरल निर्मल यमुना यात्रा का समापन बासुदेव घाट पर हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यात्रा के दौरान यमुना नदी के पुनर्जीवन के लिए चिन्हित किए गए सभी कार्यों को आईआईटी के तकनीकी सहयोग से पूर्ण कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार नदियों की अविरलता और निर्मलता के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आपकी तपस्या को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। उन्होंने जल सहेलियों को बुंदेलखंड की वीर परंपरा से जोड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई का भी स्मरण किया।

मंत्री ने जल सहेलियों पुष्पा कुशवाहा और रेखा अहिरवार के चरण धोकर सम्मान किया और कहा कि आपने बिना किसी स्वार्थ के मां यमुना के लिए यह ऐतिहासिक यात्रा निकाली है, जिसका प्रभाव समाज और दुनिया पर पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में आगरा में यमुना संरक्षण पर एक कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञों की राय लेकर ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।

🌊 जल सहेलियों ने समाज से निभाने की अपील

जल सहेली संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा कुशवाहा ने कहा कि बुंदेलखंड की जल सहेलियां नदियों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध हैं। जैसे हम अपनी मां के बीमार होने पर इलाज कराते हैं, वैसे ही यमुना मां के लिए भी सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।

समापन कार्यक्रम में यमुना भिक्षु रविशंकर तिवारी ने कहा कि जल सहेलियां रोज 12 से 15 किलोमीटर पैदल चलकर 29 दिन में दिल्ली पहुंचीं। यह उनकी प्रकृति के प्रति साक्षरता का प्रमाण है।

जल सहेली संगठन के संस्थापक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान समाज से संवाद कर कई महत्वपूर्ण बिंदु संकलित किए गए हैं, जिनके आधार पर सरकार और समाज के बीच निरंतर संवाद जारी रहेगा।

📄 श्वेत पत्र सौंपा गया

कार्यक्रम के दौरान यमुना पुनर्जीवन पर समाज के अनुभवों से तैयार श्वेत पत्र सरकार को सौंपा गया। अंत में महेंद्र बापू ने यमुना कथा के माध्यम से नदियों के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अर्चना श्रीवास्तव, रंजीत चतुर्वेदी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, जल योद्धा और एक हजार से अधिक जल सहेलियां उपस्थित रहीं। मंच संचालन मनीष राजपूत ने किया।

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