उरई। अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल उरई योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ द्वारा संचालित आकर्षक “बिजली बिल राहत योजना 2025-26” का अंतिम चरण 28 फरवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को ब्याज में 100 प्रतिशत तथा मूलधन में 15 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। वहीं विद्युत चोरी के मामलों में राजस्व निर्धारण पर 40 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जनपद में 25 फरवरी 2026 तक पात्र 1,37,787 उपभोक्ताओं में से मात्र 37,237 (27.02 प्रतिशत) उपभोक्ताओं ने ही योजना में पंजीकरण कर लाभ प्राप्त किया है। इसी प्रकार विद्युत चोरी एवं बकाया से संबंधित 12,097 प्रकरणों में से केवल 3,120 (25.79 प्रतिशत) मामलों में ही छूट का लाभ दिया जा सका है।

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं लाइन स्टाफ लगातार कैंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं को योजना के प्रति जागरूक कर रहे हैं, इसके बावजूद अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 2000 ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर विद्युत अधिनियम की धारा 138बी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है। इन उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे 28 फरवरी 2026 तक शमन शुल्क जमा कर अपना मुकदमा समाप्त कराएं और किसी भी पुलिस कार्रवाई से बचें।

उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि इस आकर्षक योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर समय से विद्युत बिल जमा करें। जिन उपभोक्ताओं ने किस्तों के माध्यम से छूट ली है, वे निर्धारित समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में कनेक्शन विच्छेदन या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

अधीक्षण अभियंता ने चेतावनी दी कि जो उपभोक्ता 28 फरवरी 2026 तक योजना में पंजीकरण नहीं कराएंगे, उनसे बकाया राशि की वसूली आरसी के माध्यम से की जाएगी।

किसी भी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1912 एवं 18001803023 पर संपर्क किया जा सकता है।

अंत में उन्होंने कहा कि यह योजना 28 फरवरी 2026 के बाद विस्तारित नहीं की जाएगी।

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