अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कोंच के संजय स्वर्णकार सिंघाल को मिला श्री रामभक्त लेखक सम्मान-2026

कोंच।
झांसी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कोंच के साहित्यकार एवं शोधकर्ता संजय स्वर्णकार सिंघाल को “श्री रामभक्त लेखक सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर कोंच क्षेत्र में हर्ष की लहर है।

संगोष्ठी का आयोजन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के हिंदी विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ के सहयोग से “बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम” विषय पर किया गया था।

उद्घाटन सत्र में संजय सिंघाल ने अपनी रावण की एकल प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद उन्होंने “बुंदेलखंड में कोंच की रामलीला: संवाद और गीतों की प्रासंगिकता” विषय पर शोध-वाचन एवं व्याख्यान प्रस्तुत किया।

अपने वक्तव्य में उन्होंने कोंच की ऐतिहासिक रामलीला की गीत एवं संवाद परंपरा, लोक-सांस्कृतिक विशेषताओं तथा सामाजिक समरसता में उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कोंच की रामलीला के गीत और संवाद लोक-रंजन के साथ-साथ लोक-मंगल का संदेश देते हैं तथा राम-भक्ति की अनुभूति कराते हैं।

उन्होंने बताया कि यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और लोकजीवन को सुदृढ़ करती आ रही है और संपूर्ण बुंदेलखंड की सांस्कृतिक चेतना की सशक्त अभिव्यक्ति है।

शोध, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की प्रधान संपादिका डॉ. अमिता दुबे एवं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कला संकाय अध्यक्ष प्रो. पुनीत बिसारिया सहित अन्य विद्वानों द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मान ग्रहण करते हुए संजय सिंघाल ने कहा कि यह सम्मान उनके संपूर्ण रामलीला कोंच परिवार का है और यह उन्हें आगे भी बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर पर निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।

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