जालौन जिले के कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम चमारी में 8 मार्च को ज्ञान और शिक्षा का एक अनोखा उत्सव देखने को मिलेगा। वरिष्ठ पत्रकार और इंडियन एक्सप्रेस” के संपादक सौरभ द्विवेदी अपने दादा की स्मृति में गांव में ‘माता प्रसाद पुस्तकालय’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस खास अवसर पर देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियां गांव पहुंचेंगी, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास और शिक्षाविद डॉ. विकास दिव्यकीर्ति प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
ग्रामीण परिवेश में ज्ञान और पढ़ाई की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया यह पुस्तकालय क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आ रहा है। माना जा रहा है कि किसी छोटे गांव में किसी पुस्तकालय के उद्घाटन के लिए इतनी बड़ी हस्तियों का एक साथ आना जिले के लिए अपने आप में ऐतिहासिक होगा।
कदौरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाला चमारी गांव अब तक साधारण ग्रामीण जीवन और सीमित संसाधनों के लिए जाना जाता रहा है। यहां के अधिकांश लोग रोजमर्रा की आजीविका में व्यस्त रहते हैं और उच्च शिक्षा के लिए संसाधनों की कमी लंबे समय से महसूस की जाती रही है। ऐसे में सौरभ द्विवेदी और उनके परिवार ने अपने पूर्वज माता प्रसाद द्विवेदी की स्मृति को ज्ञान के माध्यम से जीवित रखने का निर्णय लिया और इसी सोच से इस आधुनिक पुस्तकालय की कल्पना की गई।
यह पुस्तकालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए पढ़ने-सुनने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां लगभग 10 हजार से 20 हजार तक किताबें रखी जाएंगी, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं, साहित्य, इतिहास, विज्ञान और शोध से जुड़ी किताबें शामिल होंगी। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए ऑडियो बुक्स की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे वे किताबों को सुनकर भी ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
पुस्तकालय में वातानुकूलित पढ़ने का वातावरण, समाचार देखने की सुविधा और अध्ययन के लिए शांत स्थान उपलब्ध होगा। साथ ही बाहर से आने वाले कलाकारों या विद्वानों के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि वे यहां रहकर बच्चों और युवाओं के साथ संवाद कर सकें।
इन्फो पार्क के चेयरमैन वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी के बड़े भाई अभय द्विवेदी का कहना है कि बचपन से सौरभ द्विवेदी को किताबें पढ़ने का शौक रहा है, लेकिन उनके गांव में कोई पुस्तकालय नहीं था। इसी कमी को महसूस करते हुए उन्होंने इस परियोजना की शुरुआत की। उनकी योजना भविष्य में बुंदेलखंड के हर जिले और तहसील में ऐसे पुस्तकालय स्थापित करने की है। इसके साथ ही एक मोबाइल लाइब्रेरी ट्रक तैयार किया जाएगा, जो गांव-गांव जाकर 400 से 500 किताबें बच्चों तक पहुंचाएगा।
ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर देने और मोबाइल व अन्य व्यसनों से दूर कर पढ़ाई की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा माता प्रसाद पुस्तकालय क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उम्मीद है कि यह पुस्तकालय न केवल चमारी गांव बल्कि पूरे बुंदेलखंड के युवाओं को नई दिशा देने का काम करेगा।







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