गांव के पुस्तकालय को मिला राष्ट्रीय मंच, सौरभ द्विवेदी की पहल की प्रशंसा

उरई।

जनपद के चमारी गांव में स्थापित “माता प्रसाद पुस्तकालय” के लोकार्पण अवसर पर देश की कई प्रमुख हस्तियां एक मंच पर एकत्रित हुईं और पुस्तकालय के संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पुस्तकालय को ग्रामीण समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नोबल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने पुस्तकालय के भव्य स्वरूप की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि संकल्प तो बहुत लोग लेते हैं, लेकिन उसे पूरा करने का साहस और निरंतरता कम लोगों में होती है।

राज्यसभा के उप सभापति और जाने माने पत्रकार हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि सौरभ द्विवेदी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है और यह उनके गांव के लिए भी गर्व की बात है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सौरभ द्विवेदी ने ज्ञान की ऐसी मशाल जलाई है जो पूरे समाज को प्रकाशमान करेगी। उन्होंने कहा कि एक ही मंच पर शिक्षा, संस्कृति और प्रेरणा का ऐसा संगम दुर्लभ है।

दृष्टि आईएएस के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने शिक्षा और सीखने की क्षमता पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों में सीखने की क्षमता अधिक होती है और उन्हें बेहतर संसाधन मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि चमारी गांव का सौभाग्य है कि सौरभ द्विवेदी जैसे प्रतिभाशाली व्यक्ति का जन्म यहां हुआ।

कवि और कथा वाचक  कुमार विश्वास ने कहा कि वास्तविक ज्ञान पुस्तकों से मिलता है और पुस्तकालय समाज में सृजनात्मकता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने युवाओं को पढ़ने और सृजन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड आने का यह उनका पहला अवसर है और सौरभ द्विवेदी की सोच तथा प्रयास से वह प्रभावित हैं।

इस अवसर पर सौरभ द्विवेदी की माता मधु प्रभा द्विवेदी ने अपने पुत्र के प्रयासों पर गर्व व्यक्त किया। वहीं सौरभ द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया है कि अपनी संपत्ति और शरीर समाज के लिए समर्पित करेंगे तथा भविष्य में ऐसे कई पुस्तकालय स्थापित करने का प्रयास करेंगे, जहां गांव की बेटियों और महिलाओं को पढ़ने का अवसर मिले।

कार्यक्रम में गुंजन सांगवान ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं को शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराना समाज के विकास के लिए आवश्यक है।

इस अवसर पर अंबरीश द्विवेदी, आशीष द्विवेदी, अभय द्विवेदी, हेमंत द्विवेदी और अभिषेक द्विवेदी सहित अन्य परिजनों ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। पुस्तकालय के निर्माण और सजावट में योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।

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