उरई।
आटा थाना क्षेत्र के चमारी गांव का नाम बदले जाने की चर्चा को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। गांव के एक निवासी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को डाक के माध्यम से भेजकर ऐतिहासिक गांव का नाम न बदलने की मांग की है।
चमारी गांव निवासी रविकांत गौतम ने मंगलवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजकर कहा कि कुछ लोग गांव का नाम बदलने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह गांव उनके पूर्वजों द्वारा चमारी नाम से बसाया गया था। सैकड़ों वर्षों से गांव इसी नाम से जाना जाता है और यहां के अनुसूचित जाति समुदाय की पहचान भी इसी नाम से जुड़ी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव का नाम बदलने की चर्चा से लोगों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि गांव का नाम बदला गया तो ग्रामीण इसके विरोध में जन आंदोलन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इस मामले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे, लेकिन गांव का नाम नहीं बदलने देंगे।
ग्रामीणों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि लोगों की भावनाओं को देखते हुए गांव का नाम न बदला जाए और जो लोग नाम परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।





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