गांधी डिग्री में ए के सक्सेना को फिर मिली प्राचार्य की कुर्सी

उरई | नगर में स्थापित  गांधी महाविद्यालय में इतिहास विभाग प्रभारी डॉ. ए.के. सक्सेना को दोबारा प्राचार्य कार्यभार प्रदान किया गया. उन्होंने सोमवार 16 मार्च को विधिवत प्राचार्य पद का कार्यभार ग्रहण किया. इससे पूर्व कार्यरत कार्यवाहक प्राचार्य की कतिपय असमर्थता के कारण प्रबंध समिति ने उनको कार्यमुक्त करते हुए डॉ. सक्सेना को प्रभार प्रदान किया. डॉ. सक्सेना के प्राचार्य पद ग्रहण करने पर महाविद्यालय परिसर में उत्साह एवं हर्ष का वातावरण व्याप्त हो गया. सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों ने उन्हें माल्यार्पण कर शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में महाविद्यालय शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा. 

डॉ. ए.के. सक्सेना ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में भी महाविद्यालय के विकास हेतु सतत प्रयास एवं कार्य किये हैं. इस बार पुनः अवसर मिलने के बाद वे महाविद्यालय के विकास एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए पूर्ण निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि नैक मूल्यांकन करवाना उनकी प्राथमिकता में है. इसके लिए उन्होंने सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि सभी को समन्वित रूप में, सहयोग करते हुए आगे बढ़ना होगा. 

इस अवसर पर डॉ. अनूप शुक्ला, डॉ. स्वप्नल भट्ट, रोहित पाठक, डॉ. के.के. त्रिपाठी, डॉ. के. के. गुप्ता, प्रीती परमार, डॉ. ऋचा पटैरिया, डॉ. कंचन, डॉ. इंद्रमणि दुबे, कश्यप पालीवाल, चंद्रेश पालीवाल आदि ने डॉ सक्सेना जी को दुबारा प्राचार्य बनने पर शुभकामनाएं ज्ञापित की.

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