उरई, 19 मार्च 2026 (सू०वि०)।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा में खराब प्रदर्शन पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बैंकर्स पर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा में पाया गया कि जनपद को आवंटित 1700 लक्ष्य के सापेक्ष 3744 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें से केवल 1551 स्वीकृत हुए और मात्र 1362 मामलों में ही ऋण वितरण हो सका। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए बैंकर्स को फटकार लगाई।
बैंकवार समीक्षा में बन्धन बैंक, ग्रामीण बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक सहित कई बैंक ऐसे पाए गए, जहां स्वीकृति कम रही या स्वीकृत मामलों के बावजूद ऋण वितरण में रुचि नहीं ली गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वीकृत प्रकरणों को लंबित रखना शासन की योजनाओं को बाधित करना है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी बैंकर्स को निर्देश दिए कि लंबित स्वीकृत मामलों का तत्काल डिस्बर्समेंट सुनिश्चित करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगली समीक्षा तक सुधार न होने पर संबंधित शाखा प्रबंधकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। साथ ही डिस्बर्समेंट गैप को शून्य करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना युवाओं को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने उपायुक्त उद्योग एवं एलडीएम के शिथिल पर्यवेक्षण पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, उपायुक्त उद्योग धर्मेंद्र कुमार भास्कर, एलडीएम अनुराग सक्सेना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







Leave a comment