उरई। कृषि विज्ञान केंद्र में उद्यान विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना के अंतर्गत किसानों को आय बढ़ाने के व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में तीन अलग-अलग कृषि मॉडल्स पर विस्तार से चर्चा हुई।
एक एकड़ के मॉडल पर लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी, एक हेक्टेयर के मॉडल पर शिव शंकर चतुर्वेदी तथा सात एकड़ के मॉडल पर राम किशोर पुरोहित (जरा वाले) ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार किसान पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तकनीकों और विविध फसलों के समावेश से अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मंजुल पांडे, डॉ. मारूफ खान, डॉ. राजकुमारी एवं कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. मुस्तफा अहमद ने उन्नत कृषि तकनीकों, जल प्रबंधन और फसल विविधीकरण के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी।
जिला उद्यान अधिकारी परवेज अहमद ने किसानों को बागवानी को अपनाने, बाग लगाने की विधि तथा तार फेंसिंग के महत्व के बारे में जागरूक किया।
कार्यशाला में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए लगभग 100 किसानों ने सहभागिता की और आधुनिक खेती के तरीकों को समझकर लाभ उठाया।







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