उरई।

कालपी क्षेत्र में 14 वर्ष पूर्व जमीनी रंजिश के चलते हुए युवक की हत्या के मामले में न्यायालय ने दो सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

शासकीय अधिवक्ता हृदेश पांडेय के अनुसार, कालपी कोतवाली क्षेत्र निवासी नूर नवी ने 20 जून 2012 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि पड़ोसी सज्जाद और उसके पुत्र जमील व सुल्तान उनके प्लाट पर कब्जा किए थे। इसको लेकर दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी।

आरोप के अनुसार, 20 जून 2012 को नूर नवी का पुत्र सहीम उर्फ गुजर घर के बाहर चारपाई पर लेटा हुआ था। तभी सज्जाद व उसके दोनों पुत्रों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला कर दिया और लोहे की सरिया से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी।

घटना के बाद पुलिस ने पिता-पुत्रों सहित चार अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। 30 जुलाई 2012 को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से आलाकत्ल बरामद किया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। बाद में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।

करीब 14 वर्षों तक चले ट्रायल के दौरान आरोपी सज्जाद की मृत्यु हो गई, जबकि उसके दोनों पुत्रों के खिलाफ सुनवाई जारी रही। मामले में वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

गुरुवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जमील और सुल्तान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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