उरई/कोंच।
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर कोंच नगर में आध्यात्मिक वातावरण को सजीव करने हेतु 21 मार्च से 27 मार्च तक श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सात दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन 28 मार्च को विशाल हवन एवं भंडारे के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
आयोजन का शुभारंभ 21 मार्च को प्रातः 10 बजे महामाई मंदिर, रामकुण्ड कॉलोनी से भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। यह यात्रा नहर कोठी मार्ग से होते हुए प्राचीन रामकुण्ड मंदिर तक पहुंची। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों के साथ यात्रा को भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया। कलश यात्रा के उपरांत कथा स्थल पर विधिवत पूजन-अर्चन कर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।
कथा व्यास हरिओम थापक (अयोध्यापुरी, झांसी) ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत, रामचरितमानस और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे ग्रंथ केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाले प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने प्रह्लाद, ध्रुव और पूतना वध जैसे प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, आस्था और सत्य के महत्व को विस्तार से समझाया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि अपनी ‘रुचि’ यानी मनमर्जी के अनुसार जीवन जीता है तो वह दुखों में उलझ जाता है, जबकि ‘सुनीति’ यानी मर्यादा और नीति का पालन करने वाला व्यक्ति ही सच्चे सुख की प्राप्ति करता है।
कथा में परीक्षित की भूमिका में कोंच के वरिष्ठ समाजसेवी विनोद कुमार पांडे एवं उनकी धर्मपत्नी अर्चना पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। आयोजन की व्यवस्थाओं में आनंद पांडे, आदित्य पांडे सहित पांडे परिवार एवं उनके सहयोगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।






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