उरई/जालौन। बुंदेलखंड सीबीएसई एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष अजय इटौरिया एवं संरक्षक अशोक राठौर के नेतृत्व में जिलाधिकारी जालौन से मिला और जनपद की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत की कि उरई नगर सहित जनपद के कई विद्यालय अपनी मान्यता से अधिक कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अनेक विद्यालयों को केवल कक्षा 8 तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन वे अवैध रूप से “अटैचमेंट” के माध्यम से कक्षा 9 एवं 10 का संचालन कर रहे हैं। यह न केवल शिक्षा विभाग के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। प्रयोगशालाएं, प्रशिक्षित शिक्षक, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक संसाधन पर्याप्त नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है और उनका भविष्य असुरक्षित हो रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने तहसील स्तर पर छह जांच टीमें गठित करने के आदेश दिए, जो जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशन में जनपद के संबंधित विद्यालयों का सघन एवं औचक निरीक्षण करेंगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों को केवल कक्षा 8 तक की मान्यता प्राप्त है, उनका विशेष रूप से निरीक्षण किया जाए। यदि कोई विद्यालय अवैध रूप से उच्च कक्षाएं संचालित करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ जेल भेजने तक की कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी विद्यालय केवल उसी स्तर तक कक्षाओं का संचालन करें, जिस स्तर की उन्हें मान्यता प्राप्त है। जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिया गया है कि सभी विद्यालयों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं विद्यालय संचालकों में अजय इटौरिया (अध्यक्ष), अशोक राठौर (प्रबंधक, एस.आर. पब्लिक स्कूल), हाकिम सिंह (प्रबंधक, फाउंटेनहेड पब्लिक स्कूल), रजनीश सिंह (प्रधानाचार्य, मॉर्निंग स्टार स्कूल) और आशुतोष शर्मा (प्रबंधक, पाथ फाइंडर्स इंटरनेशनल स्कूल) सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
एसोसिएशन ने प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई के आश्वासन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वह आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता और नियमों के पालन के लिए सक्रिय रहेगा।
अंत में अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों का प्रवेश विद्यालय की मान्यता जांचकर ही कराएं और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। कम उपस्थिति होने पर विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं से वंचित हो सकते हैं। विद्यार्थियों को भी सलाह दी गई कि वे “डमी” या नॉन-स्कूल प्रवेश से बचें और नियमित कक्षाओं में उपस्थित होकर अपना भविष्य सुरक्षित बनाएं।






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