बालू खनन ने बिगाड़ी सड़क: जखा–जीतामऊ मार्ग पर कीचड़ से आवागमन ठप

बारिश में हालात बदतर, बीमारों को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल; ठेकेदार पर बिना अनुमति काम का आरोप

महेवा/उरई।
महेवा ब्लॉक के जीतामऊ यमुना घाट पर इस वर्ष शुरू हुए बालू खनन ने क्षेत्र की मुख्य सड़क को बदहाल कर दिया है। ट्रकों के आवागमन के लिए ठेकेदार द्वारा जखा–जीतामऊ मार्ग पर मिट्टी डालकर सड़क पाट दी गई, जिससे बारिश के बाद पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया और आवागमन लगभग ठप हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़क दलदल बन जाती है। बाइक सवारों को निकलना मुश्किल हो रहा है, जबकि चार पहिया वाहन भी फिसलने के कारण नहीं चल पा रहे। सबसे गंभीर स्थिति तब होती है जब किसी मरीज को अस्पताल ले जाना पड़ता है—करीब 15 किलोमीटर का यह मार्ग पार करना मुश्किल हो जाता है।

एक दर्जन गांवों का टूटा संपर्क

चार दशक पहले लोक निर्माण विभाग द्वारा कालपी–मदारीपुर मार्ग से जखा होते हुए जीतामऊ तक करीब 14 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण कराया गया था। इसी मार्ग से जखा, मड़ैया, छोटी मड़ैया, रायपुर, जीतामऊ, खरसिया सहित एक दर्जन गांव जुड़े हैं।

अब खनन के चलते सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के नाम पर दोनों ओर मिट्टी डाल दी गई, जिससे पूरा मार्ग खराब हो गया है। दो दिनों की बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई है।

ग्रामीणों में रोष, डीएम से शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि जरूरी काम से कोर्ट-कचहरी जाना भी मुश्किल हो गया है। लोग मजबूरी में कच्चे रास्तों का सहारा ले रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सड़क से मिट्टी हटाकर आवागमन सुगम कराया जाए।

बिना अनुमति काम, ठेकेदार जिम्मेदार

रायपुर निवासी भाजपा क्षेत्रीय मंत्री संजीव उपाध्याय ने भी माना कि समस्या गंभीर है और लोग परेशान हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग (तृतीय) के अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि ठेकेदार ने सड़क पर मिट्टी डालने के लिए कोई अनुमति नहीं ली है। यदि डामर सड़क पर मिट्टी डाली गई है तो उसे हटाने की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी।

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