देशभर से जुटे कवि-शायर, सारस्वत सम्मान से विभूतियों का अलंकरण
झांसी।
साहित्यिक संस्था संकल्प और हिंदी साहित्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय संग्रहालय में एक भव्य साहित्यिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जालौन निवासी उस्ताद शायर नासिर अली ‘नदीम’ के मुक्तक संग्रह ‘मन भी मिले’ पर गहन परिचर्चा की गई तथा दूरदर्शन केन्द्र लखनऊ के अधिशासी अधिकारी एवं शायर रामशब्द चौहान ‘बेनूर’ को सारस्वत सम्मान से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न शहरों से सैकड़ों साहित्यकारों की उपस्थिति रही।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के प्रथम सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के पौत्र इं० सौरभ गुप्त ने की। मुख्य अतिथि के रूप में बौद्ध संस्थान के अध्यक्ष व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में झांसी नगर विधायक रवि शर्मा मौजूद रहे। स्वागताध्यक्ष की भूमिका संतराम पेंटर ने निभाई।
‘मन भी मिले’ पर गूंजे विचारों के स्वर
मां सरस्वती के पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत मोनिका पाण्डेय ‘मनु’ की सरस्वती वंदना से हुई।
पुस्तक पर परिचर्चा करते हुए समीक्षकों—गिरधर खरे, विनोद गुप्ता ‘भावुक’, के.पी. सिंह, वरिष्ठ पत्रकार गीतकार अनिल शर्मा, डॉ. रेनू चंद्रा और डॉ. मनोज गौतम—ने ‘नदीम’ की हिन्दी-उर्दू में सशक्त छंद रचना की सराहना की।
सम्मान और गौरव के क्षण
इस अवसर पर
नासिर अली ‘नदीम’ को ‘जनकवि नाथूराम साहू कक्का स्मृति सम्मान’
रामशब्द चौहान ‘बेनूर’ को ‘सुकवि अशित मित्तल स्मृति सम्मान’
से सम्मानित किया गया।
कवि सम्मेलन में छाया काव्य का जादू
दूसरे सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन में लगभग एक सैकड़ा कवियों ने अपने काव्यपाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ग्वालियर, दतिया, बांदा, जालौन, मोंठ, गुरुसरांय, पृथ्वीपुर, लखनऊ समेत कई शहरों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया।
संस्था द्वारा सभी प्रतिभागियों को माल्यार्पण, पट्टिका व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रथम सत्र में वैभव दुबे व अर्जुन सिंह ‘चांद’, तथा द्वितीय सत्र में देवेन्द्र रावत ‘नटखट’, संजीव दुबे व मोनिका पाण्डेय ‘मनु’ ने किया।
साहित्यकारों के लिए आर्थिक सहयोग की पहल
बांदा से आए जीतू भैया ने साहित्यकारों के सहयोग हेतु एक आर्थिक कोष बनाने की पहल की घोषणा की, जिसे उपस्थित सभी साहित्यकारों ने सराहा।
सफल आयोजन के लिए बधाइयां
कार्यक्रम को सफल बनाने में सत्य प्रकाश ताम्रकार ‘सत्य’, रिपुसूदन नामदेव, सी.बी. राय ‘तरुण’, देवेन्द्र रावत ‘नटखट’, संजीव दुबे, वैभव दुबे, पी.के. खरे सहित अनेक साहित्यकारों व सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह आयोजन साहित्य, संवेदना और सृजनशीलता का अद्भुत संगम बनकर झांसी की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध कर गया।






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