उरई (जालौन), 08 अप्रैल 2026। जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में सभी संबंधित विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परिवहन, पुलिस एवं शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाकर स्कूलों से जुड़े सभी वाहनों की सघन जांच करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने विशेष रूप से उन निजी वाहनों—जैसे मैजिक, वैन और ऑटो-रिक्शा—पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जो बिना वैध परमिट के बच्चों का परिवहन कर रहे हैं। ऐसे वाहनों को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई, चालान और वाहन बंदी सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही बिना पंजीकरण, फिटनेस या परमिट वाले वाहनों के संचालन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालय प्रबंधन को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल मानक अनुरूप और अधिकृत वाहनों का ही उपयोग करें तथा अपनी परिवहन व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें। डीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके अलावा, प्रत्येक विद्यालय में “स्कूली ट्रांसपोर्ट रजिस्टर” लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस रजिस्टर में छात्रों को लाने-ले जाने वाले वाहनों का पूरा विवरण—जैसे वाहन संख्या, चालक का नाम, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट की स्थिति—अभिभावकों से प्राप्त कर दर्ज किया जाएगा। इससे अनधिकृत वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल सुरक्षित और अधिकृत वाहनों से ही विद्यालय भेजें तथा किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।
उन्होंने शिक्षा, परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित हो सके।






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