उरई। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शाम्भवी ने आज जिला कारागार उरई का साप्ताहिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने विशेष रूप से उन बंदियों पर ध्यान केंद्रित किया, जिनकी जमानत सक्षम न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन जमानतगीर के अभाव में वे अभी तक रिहा नहीं हो सके हैं। उन्होंने ऐसे बंदियों की सूची तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालौन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि उनके मामलों में प्रभावी पैरवी कर शीघ्र रिहाई सुनिश्चित कराई जा सके। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की जमानत राज्य की ओर से जिला अधिकार प्राप्त समिति के माध्यम से कराने की बात भी कही।
शाम्भवी ने बंदियों को प्रदान की जा रही विधिक सहायता, मुकदमों की पैरवी की स्थिति तथा महिला बंदियों और उनके साथ रह रहे बच्चों की स्वास्थ्य सुविधाओं एवं खान-पान की व्यवस्थाओं का भी गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं या जिनकी पैरवी सही ढंग से नहीं हो पा रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक नीरज देव, कारापाल प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल अमर सिंह तथा संगेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






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